Economy highlight:
बजट 2026: वित्तीय घाटा 4.3% रहने का अनुमान, निवेश बढ़ेगा उद्योग Budget Prioritizes Growth Fiscal Discipline
SattaKiJung की रिपोर्ट के अनुसार, बजट 2026 को लेकर तैयारियां ज़ोरों पर हैं, और शुरुआती संकेत बताते हैं कि सरकार वित्तीय अनुशासन के साथ विकास को प्राथमिकता देने की रणनीति पर काम कर रही है।
रेटिंग एजेंसी आईसीआरए का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत का राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 4.3 प्रतिशत रहने की संभावना है।
यह अनुमान वित्त वर्ष 2025-26 के 4.4 प्रतिशत के अनुमानित घाटे से थोड़ा कम है, जो दर्शाता है कि सरकार धीरे-धीरे वित्तीय सुदृढ़ीकरण की ओर बढ़ रही है।
आईसीआरए की बजट अपेक्षाओं पर आधारित रिपोर्ट में कहा गया है कि आगामी केंद्रीय बजट महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि सरकार का ध्यान अब साल-दर-साल घाटे के लक्ष्यों से हटकर मध्यम अवधि के ऋण प्रबंधन पर केंद्रित हो रहा है।
बजट 2026 में 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों का भी प्रभाव देखने को मिलेगा, जो अगले पांच वर्षों के लिए केंद्र और राज्यों के वित्तीय ढांचे को निर्देशित करेगा।
इसके अतिरिक्त, पूंजीगत व्यय में दो अंकों की वृद्धि का अनुमान है, जिसे सरकार आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में उपयोग करेगी।
इस कदम से **उद्योग** और **शेयर** **मार्केट** में सकारात्मक संकेत देखने को मिल सकते हैं, जिससे **निवेश** के अवसर बढ़ेंगे।
सरकार की इस नीति का उद्देश्य **वित्त**ीय स्थिरता बनाए रखते हुए विकास को गति देना है।
कुल मिलाकर, बजट 2026 में वित्तीय अनुशासन और विकास को संतुलित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य राजकोषीय घाटे को कम करते हुए पूंजीगत व्यय को बढ़ाना है, जिससे अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ मिल सके।
निवेशकों और उद्योग जगत को इस बजट से काफी उम्मीदें हैं, क्योंकि यह देश की आर्थिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा GDP का 4.3% रहने का अनुमान है।
- पूंजीगत व्यय में दो अंकों की वृद्धि का अनुमान, आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी रफ़्तार।
- बजट 2026 में 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों का अहम योगदान होगा।
Related: Health Tips
Posted on 19 January 2026 | Visit sattakijung.com for more stories.
