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क्या 'क्रिटिकल इग्नोरिंग' है 2026 का नया मंत्र? राजनीति में कैसे होगा उपयोगी? Executive Learns Critical Ignoring Skills
SattaKiJung की रिपोर्ट के अनुसार, एक बड़ी कंपनी के उच्च अधिकारी को उनके सुझावों पर आलोचना के बाद 'क्रिटिकल इग्नोरिंग' सीखने की सलाह दी गई है।
यह घटनाक्रम दर्शाता है कि कैसे शीर्ष प्रबंधन स्तर पर भी व्यंग्य और व्यक्तिगत आक्षेपों का प्रभाव होता है।
अधिकारी को यह सलाह एक ऐसे शुभचिंतक ने दी, जिसने कंपनी के टॉप मैनेजमेंट के वॉट्सएप ग्रुप में उनके सुझावों पर नकारात्मक टिप्पणी की थी।
इस समूह में कंपनी के मालिक भी शामिल हैं, जिन्होंने सार्वजनिक रूप से अधिकारी के दृष्टिकोण का समर्थन किया था।
बावजूद इसके, अधिकारी एक ऐसे व्यक्ति के प्रभाव में आ गए जिसने कटाक्षपूर्ण लहजे में बात की थी।
वरिष्ठ अधिकारी को समझाया गया कि यह आलोचना व्यक्तिगत नहीं, बल्कि उनके विचारों पर आधारित थी।
उन्हें 'क्रिटिकल इग्नोरिंग' का महत्व बताते हुए यह भी कहा गया कि यदि उन्होंने इसे नहीं सीखा तो उन्हें डिटॉक्सिफिकेशन कोचिंग क्लास में भेजा जा सकता है, जो विपश्यना के समान है जहाँ मोबाइल का उपयोग लंबे समय तक प्रतिबंधित होता है।
यह घटनाक्रम राजनीति में भी प्रासंगिक है, जहाँ नेताओं को अक्सर आलोचनाओं और विपरीत विचारों का सामना करना पड़ता है।
'क्रिटिकल इग्नोरिंग' की क्षमता नेताओं को अनावश्यक विवादों से बचने और अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने में मदद कर सकती है।
विशेषकर चुनाव के समय, जब राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण होता है, यह कौशल और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
बीजेपी और कांग्रेस जैसे दलों के नेताओं के लिए यह रणनीति कारगर साबित हो सकती है, ताकि वे अपने राजनीतिक लक्ष्यों को प्राप्त कर सकें।
- उच्च अधिकारी को 'क्रिटिकल इग्नोरिंग' सीखने की सलाह, व्यक्तिगत आक्षेपों से बचने का तरीका।
- राजनीति में नेताओं के लिए महत्वपूर्ण कौशल, अनावश्यक विवादों से ध्यान हटाने से बचाव।
- चुनाव के समय विशेष रूप से उपयोगी, बीजेपी और कांग्रेस जैसे दलों के लिए रणनीति।
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Posted on 13 January 2026 | Follow sattakijung.com for the latest updates.
