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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश: बंगाल वोटर लिस्ट में गड़बड़ी वाले नाम होंगे सार्वजनिक Court Orders Voter List Review
नई दिल्ली।
SattaKiJung की रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्ट में गड़बड़ी को लेकर बड़ा आदेश दिया है।
कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि वह 1.25 करोड़ संदिग्ध वोटर्स के नामों को सार्वजनिक करे, ताकि जांच में पारदर्शिता बनी रहे और आम लोगों को परेशानी न हो।
यह **राष्ट्रीय** स्तर पर एक महत्वपूर्ण मामला है, क्योंकि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाती है।
कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के 1.25 करोड़ वोटर्स को एक और मौका देते हुए कहा कि वे 10 दिन में अपने डॉक्यूमेंट्स चुनाव आयोग को पेश करें।
चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान नाम, सरनेम, आयु में गड़बड़ी की वजह से इन वोटर्स को लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी नोटिस जारी किया था।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जोयमाल्या बागची की बेंच ने स्पष्ट किया कि सिर्फ तर्क के आधार पर आम लोगों को परेशान नहीं किया जा सकता है।
वोटर लिस्ट में सुधार की प्रक्रिया ज़रूरी है, लेकिन यह पारदर्शी और समय पर होनी चाहिए।
कोर्ट ने चुनाव आयोग को लोगों की परेशानी समझने का निर्देश दिया है।
यह मामला **देश** की चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
**भारत** के लोकतंत्र में हर नागरिक का वोट महत्वपूर्ण है, और यह सुनिश्चित करना **सरकार** की जिम्मेदारी है कि वोटर लिस्ट में कोई गड़बड़ी न हो।
**प्रधानमंत्री** कार्यालय भी इस मामले पर नजर रख रहा है।
चुनाव आयोग को गड़बड़ी वाली वोटर लिस्ट ग्राम पंचायत भवन, ब्लॉक कार्यालय और वार्ड कार्यालय में सार्वजनिक रूप से लगानी होगी, ताकि लोगों को इसकी जानकारी मिल सके।
इससे नागरिकों को अपनी जानकारी सत्यापित करने और किसी भी त्रुटि को सुधारने का अवसर मिलेगा।
- सुप्रीम कोर्ट का आदेश: बंगाल वोटर लिस्ट में गड़बड़ी वाले नाम सार्वजनिक होंगे।
- 1.25 करोड़ वोटर्स को 10 दिन में डॉक्यूमेंट्स पेश करने का अंतिम मौका मिला।
- चुनाव आयोग को ग्राम पंचायत और वार्ड कार्यालयों में लिस्ट सार्वजनिक करने का निर्देश।
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Posted on 20 January 2026 | Check sattakijung.com for more coverage.
