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इंडिगो पर DGCA का शिकंजा: किराया डेटा तलब, क्या है निवेश का खेल? Airlines' December Fares Under Scrutiny
दिल्ली, SattaKiJung की रिपोर्ट के अनुसार, नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने इंडिगो सहित एयर इंडिया, स्पाइसजेट और अकासा एयर से दिसंबर महीने के दौरान वसूले गए औसत किराए का विस्तृत डेटा मांगा है।
यह कदम केंद्र सरकार ने तब उठाया, जब पिछले महीने इंडिगो ने पायलटों की कमी के कारण हजारों उड़ानें रद्द कर दीं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा हुई और उन्हें कई गुना अधिक किराया देना पड़ा।
भारत के एविएशन मार्केट में लगभग 63% हिस्सेदारी रखने वाली इंडिगो ने अकेले दिसंबर में लगभग 4,500 उड़ानें रद्द कीं।
कंपनी को पायलटों की भारी कमी का सामना करना पड़ा, जिसके कारण उसे प्रतिदिन के 2,300 ऑपरेशन्स में से बड़ी संख्या में उड़ानें रोकनी पड़ीं।
इस संकट का असर पूरे देश के हवाई यातायात पर पड़ा और यात्रियों को मजबूरन अधिक किराया देना पड़ा।
इस स्थिति में वित्त पर भारी असर पड़ा।
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने इंडिगो के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।
आयोग इस बात की जांच कर रहा है कि क्या इंडिगो ने अपनी मजबूत स्थिति का फायदा उठाकर किरायों में अनुचित वृद्धि की है।
नियमों के अनुसार, कोई भी कंपनी बाजार में अपनी मजबूत स्थिति का दुरुपयोग नहीं कर सकती।
इस मामले में निवेश और शेयर बाज़ार की भी नज़र है।
यह घटनाक्रम विमानन उद्योग में प्रतिस्पर्धा और उपभोक्ता अधिकारों के महत्व को दर्शाता है।
- DGCA ने इंडिगो समेत अन्य एयरलाइंस से किराए का डेटा तलब किया।
- पायलटों की कमी से इंडिगो ने 4,500 उड़ानें रद्द कीं, यात्रियों को भारी नुकसान।
- CCI कर रही है जांच, क्या इंडिगो ने मार्केट में दबदबे का गलत इस्तेमाल किया?
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Posted on 08 January 2026 | Check sattakijung.com for more coverage.
