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DGCA जुर्माने के खिलाफ इंडिगो की अपील खारिज, मार्केट में हलचल! Indigo Penalty Appeal Rejected
दिल्ली: SattaKiJung की रिपोर्ट के अनुसार, विमानन नियामक डीजीसीए द्वारा लगाए गए जुर्माने के खिलाफ इंडिगो की अपील को एक अपीलीय प्राधिकरण ने खारिज कर दिया है।
यह मामला पायलट प्रशिक्षण में कथित खामियों से जुड़ा है, जिसके चलते डीजीसीए ने इंडिगो के दो वरिष्ठ अधिकारियों पर जुर्माना लगाया था।
पिछले साल सितंबर में नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इंडिगो के निदेशक उड़ान परिचालन और निदेशक प्रशिक्षण पर 20-20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।
नियामक का कहना है कि एयरलाइन ने श्रेणी सी के हवाई अड्डों पर पायलट प्रशिक्षण के लिए योग्य सिमुलेटर का उपयोग नहीं किया, जिसके कारण यह कार्रवाई की गई।
डीजीसीए अपीलीय प्राधिकरण ने सात जनवरी के एक आदेश में इंडिगो की इस अपील को खारिज कर दिया।
इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने बीएसई को सूचित किया कि इस मामले का निपटारा कंपनी के निदेशक उड़ान परिचालन और निदेशक प्रशिक्षण पर 20-20 लाख रुपये के जुर्माने को बरकरार रखते हुए किया गया है।
कंपनी का कहना है कि नियामक ने यह जुर्माना श्रेणी सी के हवाई अड्डों पर पायलट प्रशिक्षण के लिए योग्य सिमुलेटर का उपयोग करने में एयरलाइन की कथित विफलता के कारण लगाया था।
इस घटनाक्रम से उद्योग जगत में चर्चा है और शेयर बाजार पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
जानकारों का मानना है कि इस फैसले का इंडिगो के वित्त और भविष्य के निवेश योजनाओं पर असर पड़ सकता है।
आमतौर पर, पायलटों को श्रेणी सी के हवाई अड्डों से उड़ानों के संचालन के लिए अतिरिक्त प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है, क्योंकि वहां परिचालन संबंधी चुनौतियां अधिक होती हैं।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब विमानन उद्योग तेजी से विकास कर रहा है और पायलटों की मांग बढ़ रही है।
ऐसे में, प्रशिक्षण मानकों का पालन करना और सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस घटनाक्रम पर उद्योग जगत और निवेशकों की निगाहें बनी हुई हैं।
- DGCA ने इंडिगो की अपील खारिज की, पायलट प्रशिक्षण में खामी का मामला।
- इंडिगो के दो वरिष्ठ अधिकारियों पर 20-20 लाख रुपये का जुर्माना बरकरार।
- श्रेणी सी के हवाई अड्डों पर सिमुलेटर के उपयोग में कथित विफलता का मामला।
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Posted on 11 January 2026 | Stay updated with sattakijung.com for more news.
