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रूसी तेल: भारत का आयात घटा, तुर्किये आगे! क्या है मार्केट का हाल? India Ranks Third In Imports
SattaKiJung की रिपोर्ट के अनुसार, रूसी फॉसिल फ्यूल के आयात में भारत अब तीसरे स्थान पर आ गया है. दिसंबर 2023 में रिलायंस इंडस्ट्रीज और सरकारी रिफाइनरियों द्वारा रूसी कच्चे तेल के आयात में कटौती के बाद यह बदलाव देखने को मिला है. यूरोपीय थिंक टैंक 'सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर' (CREA) की रिपोर्ट बताती है कि भारत ने दिसंबर में रूस से 2.3 बिलियन यूरो का हाइड्रोकार्बन आयात किया, जबकि नवंबर में यह आंकड़ा 3.3 बिलियन यूरो था. इस गिरावट के साथ ही तुर्किये, 2.6 बिलियन यूरो के आयात के साथ रूस का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार बन गया है. चीन अभी भी 6 बिलियन यूरो की खरीदारी के साथ पहले स्थान पर कायम है. दिसंबर में भारत के आयात में आई गिरावट का मुख्य कारण रिलायंस इंडस्ट्रीज रही, जिसने रूस से होने वाले अपने आयात को लगभग आधा कर दिया. इसके अतिरिक्त, सरकारी तेल कंपनियों ने भी अपने इम्पोर्ट में कमी की है. इस बदलाव का असर भारत के वित्त और ऊर्जा क्षेत्र पर पड़ सकता है, क्योंकि रूस भारत के लिए एक महत्वपूर्ण तेल आपूर्तिकर्ता रहा है. अब देखना यह है कि भारत सरकार और उद्योग जगत इस स्थिति से कैसे निपटते हैं और क्या इसका असर शेयर मार्केट पर भी दिखाई देगा. बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव भारत के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के नए अवसरों को जन्म दे सकता है.।
- भारत रूसी तेल खरीद में तीसरे स्थान पर, रिलायंस ने घटाई हिस्सेदारी।
- तुर्किये बना रूस का दूसरा सबसे बड़ा तेल ग्राहक, चीन पहले स्थान पर।
- आयात में गिरावट से भारतीय वित्त और ऊर्जा क्षेत्र पर असर संभव।
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Posted on 14 January 2026 | Stay updated with sattakijung.com for more news.
