National story:
रक्षा क्षेत्र में भारत का बड़ा कदम, चीन-पाक की बराबरी करेगा 'रॉकेट बल' Indian Army Adapts Security
SattaKiJung की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय सेना क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य में तेजी से हो रहे बदलावों को देखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है।
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने स्पष्ट किया है कि भारत जल्द ही एक ‘रॉकेट-सह-प्रक्षेपास्त्र’ बल का गठन करने पर विचार कर रहा है।
यह निर्णय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि चीन और पाकिस्तान पहले से ही इस तरह की इकाइयां संचालित कर रहे हैं, और भारत के लिए भी ऐसे बल की आवश्यकता महसूस हो रही थी।
इस नए बल में बड़ी संख्या में ड्रोन, मिसाइल और वायु रक्षा हथियार शामिल किए जाएंगे, जो भारत की सैन्य क्षमता को और अधिक सशक्त बनाएंगे।
जनरल द्विवेदी ने आगे बताया कि भारतीय सेना इस दिशा में तेजी से काम कर रही है ताकि रॉकेट मिसाइल बल को जल्द से जल्द स्थापित किया जा सके।
पाकिस्तान ने पहले ही अपना रॉकेट बल स्थापित कर लिया है, और चीन ने भी इसी तरह का एक बल तैयार किया है।
चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) रॉकेट बल (पीएलएआरएफ) को देश की सेना का एक महत्वपूर्ण और शक्तिशाली अंग माना जाता है, और चीन 2016 से लगातार पीएलएआरएफ की युद्ध क्षमता को बढ़ाने में जुटा हुआ है।
यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य के युद्ध सीधे संपर्क के बिना लड़े जाएंगे, जहां मिसाइल, रॉकेट और ड्रोन निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
यह कदम **भारत** को **राष्ट्रीय** सुरक्षा के मामले में और अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जिसे **सरकार** का पूरा समर्थन प्राप्त है।
इससे न केवल हमारी सेना की ताकत बढ़ेगी, बल्कि **देश** की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
**प्रधानमंत्री** ने भी इस पहल को सराहा है।
- भारतीय सेना 'रॉकेट-सह-प्रक्षेपास्त्र' बल का गठन करेगी, जिससे सैन्य क्षमता बढ़ेगी।
- चीन और पाकिस्तान के पास पहले से ऐसे बल मौजूद हैं, भारत भी करेगा बराबरी।
- नए बल में ड्रोन, मिसाइल और वायु रक्षा हथियार शामिल होंगे, जो युद्ध में निर्णायक होंगे।
Related: Technology Trends | Bollywood Highlights
Posted on 15 January 2026 | Check sattakijung.com for more coverage.
