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क्या नेताजी रिटायरमेंट का आनंद लेना भूल गए? राजनीति पर सवाल! Life Achievements Delhi Daughters Settled
दिल्ली, SattaKiJung की रिपोर्ट के अनुसार, एक प्रतिष्ठित व्यक्ति की कहानी सामने आई है जिन्होंने अपने सेवाकाल में शानदार जीवन जिया, अपनी बेटियों की शादियां करवाईं और उन्हें अच्छी तरह से बसाया।
उनकी बेटियां कुछ ही वर्षों में उनसे भी अधिक धनी हो गईं।
27 वर्ष पहले सेवानिवृत्त होने के बाद, उन्होंने बेहद संयमित खर्च करना शुरू कर दिया।
जो व्यक्ति हर वर्ष कम से कम 5 विदेश यात्राएं करता था, वह सेवानिवृत्ति के बाद देश में भी कम ही घूमा।
उनके लिए बैंक और निवेश में रखा धन ही अमीरी का एहसास कराता था, लेकिन उन्होंने कभी भी अपने जीवन भर की जमा पूंजी का आनंद नहीं लिया।
उनके लिए पैसा सुरक्षा का प्रतीक था, आराम या दिखावे का नहीं।
उनका मानना था कि भविष्य की सुरक्षा के लिए बचत ही सबसे बड़ा सहारा है।
उनकी पत्नी के निधन के बाद, लेखक ने उनकी देखभाल करने का जिम्मा उठाया और उनसे यह सीखा कि कैसे बचत और निवेश को भविष्य की अनुमानित महंगाई से मेल खाने के लिए हर साल बढ़ाना चाहिए।
उनके पास शेयर, बॉन्ड, म्युचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट और नकद जैसी कई संपत्तियां थीं, फिर भी वे अपने ऊपर आवश्यक चीजों के अलावा कुछ भी खर्च नहीं करते थे।
हाल ही में उनका निधन हुआ और उन्होंने अपने बच्चों के लिए काफी कुछ छोड़ा है, जिनका कहना है, ‘जब हमारे पिताजी जीवित थे, तब उन्होंने कभी भी पैसे का आनंद नहीं लिया।
' यह कहानी हमें सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हमारे नेता और राजनीति से जुड़े व्यक्ति अपने भविष्य को सुरक्षित करने के चक्कर में वर्तमान का आनंद लेना भूल जाते हैं।
क्या वे यह याद रखते हैं कि जीवन का उद्देश्य केवल धन संचय करना नहीं है, बल्कि उसका उपयोग करके खुशी और संतोष प्राप्त करना भी है? क्या कांग्रेस और बीजेपी जैसे दलों के नेताओं को इस बात पर विचार करना चाहिए कि वे अपनी नीतियों और कार्यों के माध्यम से लोगों को बेहतर जीवन जीने में कैसे मदद कर सकते हैं?।
- सेवानिवृत्त व्यक्ति ने जीवन भर बचत की, पर उसका आनंद नहीं लिया।
- क्या नेता भी भविष्य की चिंता में वर्तमान का आनंद लेना भूल जाते हैं?
- कांग्रेस और बीजेपी जैसे दलों के नेताओं को लोगों के बेहतर जीवन पर ध्यान देना चाहिए।
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Posted on 26 January 2026 | Stay updated with sattakijung.com for more news.
