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गणेश आरती: जानिए अद्भुत फायदे, पूरी होंगी मनोकामनाएं | धर्म | आध्यात्मिक Lord Ganesha: Auspicious Beginnings Blessing
SattaKiJung की रिपोर्ट के अनुसार, भगवान गणेश, जिन्हें विघ्नहर्ता कहा जाता है, की पूजा किसी भी शुभ कार्य से पहले की जाती है।
मान्यता है कि गणेश जी की आरती करने से भक्तों के सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है, और उनकी कृपा सदैव बनी रहती है।
गणेश पूजा, आरती के बिना अधूरी मानी जाती है, इसलिए पूजा के समापन पर गणेश जी की आरती का विधान है।
जो भी भक्त भगवान गणेश को प्रसन्न करना चाहते हैं और उनकी कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें विधि-विधान से पूजा के बाद गणेश जी की आरती अवश्य करनी चाहिए।
गणेश जी की आरती, 'सुखकर्ता दुखहर्ता, वार्ता विघ्नाची', एक प्रसिद्ध स्तुति है जो उनकी महिमा का वर्णन करती है।
यह आरती भक्तों के दुखों को हरने वाली और सुखों को प्रदान करने वाली मानी जाती है।
आरती में भगवान गणेश के सौंदर्य, उनकी वेशभूषा और उनके गुणों का वर्णन किया गया है।
आरती में 'जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति' का जयघोष भगवान गणेश के प्रति श्रद्धा और भक्ति को दर्शाता है।
भक्त रत्न जड़ित सिंहासन पर विराजमान गौरीपुत्र गणेश से अपनी मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करते हैं।
इस आरती के माध्यम से भक्त लम्बोदर, पीताम्बर धारी और सर्पों से सुशोभित भगवान गणेश की वंदना करते हैं।
यह आरती 'धर्म' और 'आध्यात्मिक' जगत में बहुत ही महत्वपूर्ण मानी जाती है।
'मंदिर' और 'तीर्थ' स्थलों में भी इसका विशेष महत्व है।
गणेश जी की 'पूजा' और आरती हिन्दू 'देवता' में एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है, जो भक्तों को समृद्धि और शांति प्रदान करता है।
- गणेश जी की आरती से सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है।
- आरती में भगवान गणेश के सौंदर्य और गुणों का वर्णन है।
- गणेश आरती हिन्दू धर्म में एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है।
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Posted on 19 January 2026 | Check sattakijung.com for more coverage.
