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ईरान संकट से तेल मार्केट में उछाल, निवेशकों के लिए क्या संकेत? Oil Prices Surge Globally
SattaKiJung की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान में जारी तनाव और वेनेजुएला से उम्मीदों के बीच वैश्विक तेल मार्केट में सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में ज़बरदस्त उछाल देखा गया।
कीमतें सात हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं, जिससे उद्योग जगत में हलचल है।
ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर सख्ती के चलते तेल निर्यात में गिरावट की आशंका है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
ईरान, जो ओपेक का एक महत्वपूर्ण सदस्य है और पहले से ही प्रतिबंधों का सामना कर रहा है, के निर्यात में किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर वैश्विक आपूर्ति पर पड़ेगा।
ब्रेंट क्रूड वायदा 0.8 प्रतिशत बढ़कर 63.87 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.6 प्रतिशत की बढ़त के साथ 59.50 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
यह ब्रेंट का 18 नवंबर के बाद और डब्ल्यूटीआई का 5 दिसंबर के बाद का सबसे ऊंचा बंद स्तर रहा।
ईरान ने वॉशिंगटन के साथ संवाद के रास्ते खुले रखने की बात कही है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप संभावित जवाबी कदमों पर विचार कर रहे हैं, जिससे वित्त जगत में अनिश्चितता का माहौल है।
इस स्थिति को देखते हुए, मार्केट विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को सतर्क रहकर निवेश संबंधी निर्णय लेने चाहिए।
शेयर मार्केट पर भी इसका असर दिख सकता है।
इस तेजी का असर भारतीय मार्केट पर भी देखने को मिल सकता है, जिससे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका है।
यह स्थिति वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक चुनौती बन सकती है।
- ईरान में तनाव से कच्चे तेल की कीमतें सात हफ्तों के उच्च स्तर पर।
- ब्रेंट क्रूड 63.87 डॉलर प्रति बैरल, डब्ल्यूटीआई 59.50 डॉलर प्रति बैरल पर बंद।
- भारतीय मार्केट पर भी असर, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि की आशंका।
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Posted on 14 January 2026 | Stay updated with sattakijung.com for more news.
