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सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख: आवारा कुत्तों के मामले में सरकार को फटकार Supreme Court Dog Relocation Decision
SattaKiJung की रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों की नसबंदी और उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट करने के मामले में दायर याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।
कोर्ट ने पंजाब सरकार की ओर से हर दिन केवल 100 कुत्तों की नसबंदी करने पर नाराजगी जताई और इसे नाकाफी बताया।
जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन वी अंजारिया की बेंच ने पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु सरकारों को कोर्ट के निर्देशों का सही ढंग से पालन न करने पर फटकार लगाई।
राजस्थान सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने राज्य में नसबंदी केंद्रों और शिक्षण संस्थानों के आसपास बाड़ लगाने की जानकारी दी।
हालांकि, कोर्ट ने राज्य सरकार के पास आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए पर्याप्त वाहन न होने पर सवाल उठाया।
जस्टिस मेहता ने कहा कि जब तक पर्याप्त वाहन और कर्मचारी नहीं होंगे, तब तक कुत्तों को पकड़ने, उनकी नसबंदी करने, टीकाकरण करने और उन्हें वापस छोड़ने की प्रक्रिया कैसे पूरी होगी।
कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो हर साल आवारा कुत्तों की संख्या में 10-15 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है।
इस मामले में एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया (AWBI) को सड़कों पर कुत्तों से संबंधित 250 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो **देश** में इस समस्या की गंभीरता को दर्शाते हैं।
**भारत** में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या एक गंभीर चुनौती है जिसके समाधान के लिए **सरकार** को प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।
यह मामला **राष्ट्रीय** स्तर पर चिंता का विषय है, क्योंकि इससे नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
**प्रधानमंत्री** ने भी इस समस्या पर ध्यान दिया है और संबंधित अधिकारियों को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
सुप्रीम कोर्ट का यह रुख दर्शाता है कि वह इस मामले को कितनी गंभीरता से ले रहा है।
आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान खोजने के लिए **देश** भर में प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है।
**भारत** सरकार को इस मामले में और अधिक सक्रिय भूमिका निभानी होगी ताकि लोगों को इस समस्या से निजात मिल सके।
- सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मामले में फैसला सुरक्षित रखा।
- पंजाब सरकार की नसबंदी की धीमी गति पर कोर्ट ने जताई नाराजगी।
- राज्य सरकारों को कोर्ट के निर्देशों का पालन करने की दी गई चेतावनी।
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Posted on 30 January 2026 | Follow sattakijung.com for the latest updates.
