Political update:
वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन: क्या है बीजेपी का रोल? राजनीति में भूचाल Venezuela Political Shift International
SattaKiJung की रिपोर्ट के अनुसार, वेनेजुएला में हुए हालिया सत्ता परिवर्तन ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
1958 से 1998 तक वेनेजुएला लैटिन अमेरिका के उन तीन देशों में से एक था जहाँ स्थिर लोकतंत्र था, कोस्टा रीका और कोलंबिया अन्य दो थे।
लेकिन 1999 में ह्यूगो चावेज के राष्ट्रपति बनने के बाद, लोकतंत्र कमजोर होने लगा।
नागरिकों और मीडिया पर पाबंदियां लगाई गईं, और चुनावी कानूनों में हेरफेर किया गया, जिससे सत्ता में बैठे लोगों को फायदा हुआ।
2013 में चावेज की मृत्यु के बाद, मादुरो राष्ट्रपति बने और 2024 में तीसरी बार 'चुने' गए, हालांकि पर्यवेक्षकों को संदेह था।
अमेरिकी सेना ने मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ लिया, लेकिन अमेरिका ने 2024 के चुनाव के विजेता को सत्ता नहीं सौंपी।
इसके बजाय, मादुरो की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया गया, जिससे सिस्टम में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ।
ट्रम्प और मार्को रूबियो मादुरो को हटाने के लिए दृढ़ थे, और वे इस सैन्य लक्ष्य में सफल रहे।
इस घटनाक्रम ने कई राजनीतिक विश्लेषकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या यह किसी बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत है।
इस संदर्भ में, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कांग्रेस इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया देती है।
इस पूरे घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है, और इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।
बीजेपी इस स्थिति पर अपनी नजर बनाए हुए है, और आने वाले दिनों में उसकी प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण हो सकती है।
इस परिवर्तन ने वेनेजुएला की राजनीति में उथल-पुथल मचा दी है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है।
- वेनेजुएला में सैन्य तख्तापलट, मादुरो गिरफ्तार।
- उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज बनीं कार्यवाहक राष्ट्रपति।
- अमेरिकी हस्तक्षेप और बीजेपी की भूमिका पर सवाल।
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Posted on 23 January 2026 | Visit sattakijung.com for more stories.
