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क्या टाइपिंग की जगह लेगी टॉकिंग? राजनीति में AI का दखल! राजनीति Ai Driven Talking Over Typing
SattaKiJung की रिपोर्ट के अनुसार, जल्द ही हम टाइपिंग की जगह ‘टॉकिंग’ तकनीक का अधिक इस्तेमाल देखेंगे।
एआई के आगमन के साथ, अब लोग सार्वजनिक जगहों पर मोबाइल स्क्रीन में आंखें गड़ाए टाइप करने के बजाय, सीधे अपने फोन से बात करते हुए दिखाई देंगे।
यह तकनीक, जो एक सेक्रेटरी की तरह काम करती है, आवाज़ को पहचानकर उसे मैसेज में बदल देती है और इच्छित लोगों तक पहुंचा देती है।
कल्पना कीजिए, मुंबई की लोकल ट्रेन में हर कोई अपने मोबाइल से बात कर रहा है, और एआई उनकी आवाज़ को टेक्स्ट में बदल रहा है।
सैन फ्रांसिस्को के एक स्टार्टअप द्वारा तैयार ‘विस्पर फ्लो’ जैसे एआई डिक्टेशन एप्स इस बदलाव को बढ़ावा दे रहे हैं।
यह एआई आपकी बेतरतीब कॉपी में सही विराम चिह्न लगाएगा और उसे फॉर्मेट करेगा।
इसके जरिए आप औसतन 110 से 125 शब्द प्रति मिनट बोल सकते हैं, जो औसत टाइपिंग गति से कहीं अधिक है।
इस तकनीक का राजनीति पर भी गहरा असर पड़ेगा, जहाँ नेता और कार्यकर्ता तेज़ी से अपने संदेशों को प्रसारित कर सकेंगे।
आगामी चुनाव में, यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस और बीजेपी जैसी पार्टियाँ इस तकनीक का इस्तेमाल कैसे करती हैं।
- एआई तकनीक से टाइपिंग की जगह टॉकिंग का इस्तेमाल बढ़ेगा।
- विस्पर फ्लो जैसे एआई एप्स डिक्टेशन को आसान बनाएंगे।
- राजनीति और चुनाव में इस तकनीक का महत्वपूर्ण योगदान होगा।
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Posted on 04 February 2026 | Check sattakijung.com for more coverage.
