Political update:
क्या AI सरकारों में जनता का विश्वास बहाल कर सकता है? एक विश्लेषण Ai Restore Democracy's Lost Trust
SattaKiJung की रिपोर्ट के अनुसार, लोकतांत्रिक सरकारों के प्रति घटते विश्वास के बीच, यह सवाल उठ रहा है कि क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इस संकट को दूर करने में मदद कर सकता है।
एक तरफ जहां कई लोगों को आशंका है कि एआई गलत सूचनाओं को बढ़ावा देकर और तथ्यों पर भरोसा कम करके स्थिति को और खराब कर सकता है, वहीं दूसरी तरफ यह भी संभावना है कि एआई के नए उपकरण लोकतंत्रों पर भरोसे के संकट का समाधान बन जाएं।
ओईसीडी के सदस्य देशों में से औसतन केवल 39% नागरिक अपनी सरकार पर भरोसा करते हैं, जबकि 2021 में यह आंकड़ा 45% था।
अमेरिका में प्यू रिसर्च के अनुसार, सरकार पर भरोसा लगभग 17% के ऐतिहासिक निचले स्तर पर है।
फ्रांस, यूके और ऑस्ट्रेलिया में भी स्थिति कुछ ऐसी ही है।
इसके विपरीत, सिंगापुर और यूएई जैसी अधिक प्रभावी ‘टेक्नोक्रेटिक’ सरकारों में भरोसे का स्तर 70% से अधिक है।
चीन भी इस मामले में आगे है।
टेक्नोक्रेटिक व्यवस्थाएं परिणाम देने में सक्षम हैं और जनता की चिंताओं के प्रति संवेदनशील भी बनी रहती हैं।
यह लोकतांत्रिक सरकारों के सामने एक बड़ी चुनौती पेश करता है, जहां नीति-निर्माण में तर्कसंगतता कम दिखाई देती है।
एक तरफ तो **कांग्रेस** और **बीजेपी** जैसी पार्टियां विकास की बात करती हैं, लेकिन दूसरी तरफ जनता को ठोस परिणाम नहीं दिखते।
ऐसे में **नेता** और **राजनीति** के प्रति लोगों का मोहभंग होना स्वाभाविक है।
आगामी **चुनाव** में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या AI जनता का विश्वास जीतने में सरकारों की मदद कर सकता है।
- लोकतांत्रिक सरकारों पर घटता भरोसा: OECD देशों में सिर्फ 39% नागरिक सरकार पर विश्वास करते हैं।
- टेक्नोक्रेटिक मॉडल: सिंगापुर और यूएई में 70% से अधिक नागरिकों का सरकार पर भरोसा।
- AI की भूमिका: क्या AI गलत सूचनाओं को कम करके सरकारों पर विश्वास बढ़ा सकता है?
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Posted on 16 February 2026 | Keep reading sattakijung.com for news updates.
