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बद्रीनाथ धाम: अविमुक्तेश्वरानंद को निमंत्रण, शंकराचार्य पद पर सवाल! Avimukteshwaranand Honored At Badrinath
उत्तराखंड से SattaKiJung की रिपोर्ट के अनुसार, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले एक महत्वपूर्ण रस्म के लिए आमंत्रित किया गया है, जहाँ उन्हें शंकराचार्य के रूप में संबोधित किया गया है।
यह निमंत्रण ऐसे समय पर आया है जब शंकराचार्य और प्रयागराज माघ मेला प्रशासन के बीच उनके शंकराचार्य होने के प्रमाण को लेकर विवाद चल रहा है।
इस विवाद के चलते, अविमुक्तेश्वरानंद मेला छोड़कर काशी चले गए थे और उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हिंदू होने का प्रमाण भी मांगा था।
श्री बद्रीनाथ डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के अध्यक्ष पंडित आशुतोष डिमरी ने बताया कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को 25 जनवरी को यह निमंत्रण भेजा गया था।
उनसे ऋषिकेश से बद्रीनाथ धाम तक निकलने वाली गाड़ू घड़ा यात्रा में शामिल होने का आग्रह किया गया है।
यह यात्रा बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले की एक महत्वपूर्ण **पूजा** है और इसे चारधाम यात्रा की औपचारिक शुरुआत माना जाता है।
इस यात्रा के माध्यम से भगवान बद्री विशाल के अभिषेक और अखंड ज्योति के लिए आवश्यक तिल का तेल धाम तक पहुंचाया जाता है।
यह घटना **धर्म** और **आध्यात्मिक** महत्व को दर्शाती है, जहाँ **मंदिर** की परंपराओं का पालन किया जाता है।
इस पूरे घटनाक्रम में, अविमुक्तेश्वरानंद की भूमिका और शंकराचार्य की पदवी को लेकर सवाल उठ रहे हैं, जबकि उन्हें उत्तराखंड सरकार द्वारा बद्रीनाथ धाम के एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान के लिए आमंत्रित किया गया है, जो **तीर्थ** यात्रा का एक अभिन्न हिस्सा है और **देवता** के प्रति गहरी आस्था को दर्शाता है।
- अविमुक्तेश्वरानंद को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के लिए मिला निमंत्रण।
- शंकराचार्य पद को लेकर विवाद के बीच उत्तराखंड सरकार का न्योता।
- गाड़ू घड़ा यात्रा का महत्व, चारधाम यात्रा की औपचारिक शुरुआत।
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Posted on 01 February 2026 | Follow sattakijung.com for the latest updates.
