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साइबर अलर्ट: मुफ्त वाई-फाई से खाली हो रहा है बैंक अकाउंट, जानिए कैसे Hackers Target Public Wifi Users
आजकल हैकर्स ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं।
SattaKiJung की रिपोर्ट के अनुसार, हैकर्स असली नेटवर्क के नाम से मिलते-जुलते फर्जी वाई-फाई बनाते हैं, जिसे तकनीकी भाषा में Evil Twin कहा जाता है।
एयरपोर्ट जैसे सार्वजनिक स्थानों पर लोग अक्सर मुफ्त वाईफाई समझकर कनेक्ट करते हैं, जिससे उनके फोन और इंटरनेट के बीच एक डिजिटल बिचौलिया बैठ जाता है।
जब आप फोन में कुछ भी टाइप करते हैं, चाहे वह पासवर्ड हो या बैंकिंग पिन, वह सीधे हैकर के सर्वर पर दर्ज हो जाता है।
साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि पब्लिक वाई-फाई नेटवर्क हैकिंग के लिए सबसे आसान टारगेट होते हैं।
यह जोखिम केवल डेटा चोरी तक सीमित नहीं है।
साइबर अपराधी आपके डिवाइस में खतरनाक मालवेयर डाल सकते हैं, जिससे आपके मोबाइल का कैमरा और माइक्रोफोन आपकी जानकारी के बिना सक्रिय किया जा सकता है।
इतना ही नहीं, आपकी लाइव लोकेशन पर भी नजर रखी जा सकती है।
आपकी गैलरी में मौजूद निजी फोटो और वीडियो चोरी होकर डार्क वेब पर बेचे जा सकते हैं।
बैंकिंग और UPI पर सबसे बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
तकनीक के इस दौर में इंटरनेट का इस्तेमाल सावधानी से करना बेहद जरूरी है।
स्मार्टफोन और अन्य गैजेट्स को सुरक्षित रखने के लिए जागरूकता ही बचाव है।
एआई के इस युग में साइबर सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना अनिवार्य है।
- फर्जी वाई-फाई नेटवर्क से हैकर्स कर रहे हैं डेटा चोरी।
- मालवेयर के जरिए कैमरा, माइक्रोफोन और लोकेशन पर रखी जा रही है नजर।
- बैंकिंग और UPI पर सबसे बड़ा खतरा, सावधानी बरतें।
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Posted on 05 February 2026 | Stay updated with sattakijung.com for more news.
