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भगवान शिव: क्या है परम शक्ति का रहस्य? आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि Lord Shiva: Source Of Auspiciousness
SattaKiJung की रिपोर्ट के अनुसार, भगवान शिव, जिन्हें महादेव के नाम से भी जाना जाता है, समस्त मंगलों के स्रोत और कल्याण के प्रतीक हैं।
हिंदू धर्म में, उन्हें ज्ञान, शक्ति और क्रिया का मूल माना जाता है, जो ब्रह्मांड के रक्षक, पालक और नियंत्रक हैं।
भगवान शिव आदि और अंत से परे हैं, जो उन्हें अनंत और पवित्र बनाते हैं।
भक्त मानते हैं कि वे शीघ्र ही प्रसन्न होकर अपने अनुयायियों के दोषों को क्षमा कर देते हैं और धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष, ज्ञान और विज्ञान का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
पुराणों में भगवान शिव के दिव्य चरित्रों का व्यापक वर्णन मिलता है।
पूरे विश्व में उनके मंदिर और शिवलिंग स्थापित हैं, जहाँ भक्त उनकी पूजा करते हैं।
भगवान शिव का परिवार भी विशाल है, जिसमें एकादश रुद्र, रुद्राणियां, चौंसठ योगिनियां, षोडश मातृकाएं और भैरव आदि शामिल हैं।
माता पार्वती की सखियाँ, जैसे विजया, भी उनके परिवार का हिस्सा हैं।
गणपति परिवार में उनकी पत्नी सिद्धि-बुद्धि तथा शुभ और लाभ दो पुत्र हैं, जो शिव परिवार की पूर्णता को दर्शाते हैं।
यह [धर्म] और [आध्यात्मिक] [देवता] के प्रति अटूट आस्था का प्रतीक है, जहाँ [मंदिर] और [तीर्थ] स्थल उनकी महिमा का गुणगान करते हैं।
[पूजा] और अर्चना से भक्त भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
- भगवान शिव समस्त मंगलों के मूल और कल्याण के प्रतीक हैं।
- ज्ञान, शक्ति और क्रिया के मूल माने जाते हैं भगवान शिव।
- विश्वभर में मंदिरों और शिवलिंगों में होती है भगवान शिव की पूजा।
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Posted on 17 February 2026 | Follow sattakijung.com for the latest updates.
