National update:
Rajnath Singh ने Haridwar में राष्ट्र की संस्कृति और सीमाओं की सुरक्षा पर ज़ो... Rajnath: Culture Equals Border Security
Haridwar में, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को देश की संस्कृति और सभ्यता की रक्षा को सीमाओं की सुरक्षा जितना ही महत्वपूर्ण बताया, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर बल दिया।
SattaKiJung की रिपोर्ट के अनुसार, सप्तऋषि आश्रम में स्वामी सत्यमित्रानंद की प्रतिमा के अनावरण समारोह में बोलते हुए, राजनाथ सिंह ने भारत की सांस्कृतिक पहचान और मूल्यों की रक्षा करने का आग्रह किया।
उन्होंने चेतावनी दी कि कमजोर सांस्कृतिक जड़ें विघटन का कारण बन सकती हैं।
उन्होंने कहा कि कोई भी राष्ट्र सही मायने में तब तक सुरक्षित नहीं है जब तक उसकी सांस्कृतिक नींव, उसके मूल्य और उसकी पहचान सुरक्षित न हो।
राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा मंत्री के रूप में, उनकी जिम्मेदारी केवल सीमाओं और सशस्त्र बलों की सुरक्षा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि एक राष्ट्र की सुरक्षा उसकी भौगोलिक सीमाओं से परे तक फैली हुई है।
सांस्कृतिक पहचान और सभ्यता की रक्षा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने **भारत** की सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण रखने और उसे बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
**देश** की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण आवश्यक है।
रक्षा मंत्री का यह बयान **राष्ट्रीय** सुरक्षा के व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें सैन्य सुरक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक सुरक्षा को भी शामिल किया गया है।
**सरकार** इस दिशा में कई कदम उठा रही है, जिससे **देश** की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित किया जा सके और उसे बढ़ावा दिया जा सके।
यह **प्रधानमंत्री** के 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के विजन को साकार करने में भी सहायक होगा।
- राजनाथ सिंह ने संस्कृति को सीमाओं के समान महत्वपूर्ण बताया।
- सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा पर जोर, कमजोर जड़ें विघटनकारी हो सकती हैं।
- भारत की सांस्कृतिक पहचान और मूल्यों की सुरक्षा का आह्वान किया गया।
Related: Bollywood Highlights | Health Tips
Posted on 07 February 2026 | Follow sattakijung.com for the latest updates.
